इजराइल-फिलीस्तीन यूद्ध से हिंदूओ को सीख लेनी चाहिए ।
हम सेक्युलर ,अक्सर गंगा-जमुना तहज़ीब की बात करते है जो कोरी कल्पना है।
भारत-इजराइल के राजनीतिक संबंध अच्छे है और भारत ने इजराइल का समर्थन किया
जबकी भारत का एक वर्ग देश के साथ इजराइल का समर्थन न कर पाकिस्तान के साथ धर्म को प्राथमिकता देकर हमास के आतंकवादीयो का समर्थन कर रहा है।
सोचो , भारत का किसी देश के साथ युद्ध हो जाये तब क्या होगा!
"धर्म पहले देश बाद" की नीती अपनाने वाला वर्ग आपका साथ देंगा?
जिस वर्ग के दबाव में भारत का कोई विपक्षी दल राजनेतिक दल
#हमास के आतंकवादीयो के खिलाफ एक ब्यान भी नही दे पा रहा है , अदांज लगाओ यह वर्ग कितना ताकतवर है।
बालाकोट स्ट्राइक के वक्त हमारी सेना से सबूत मांगा जा रहा था इजराइल का विपक्ष सरकार के साथ हमास को खत्म करने की रणनीति बना रहा है।
सामान्य स्थिती मे भारत की ट्रेने को पटरीयो से उतारने की योजनाऐ बनाई जा रही है तो युद्ध की स्थिती में क्या होगा जब देश की पुलिस और सेना व्यस्त होगी