शुरू ईश्वर के नाम से जो निहायत दयावान बेहद मेहरबान है जो कोई पृथ्वी पर दंगा फसाद आतंकवाद करायम अत्याचार अहंकार बदकारी बलात्कार कत्ल चोरी डकैती झगड़ा गाली गलौज जुल्म अन्याय लोगों पर कर रहा है किसी प्राणी का बिना कारण खुन बहा रहा है वह नर्क में जायेगा पीप पियेगा काँटों का झाड़ खाएग